Garlic benefit lahsun khane ke fayde

अक्सर जब हमारी रसोई में रखा लहसुन पुराना हो जाता है, तो उसमें से हरे रंग के अंकुर (Sprouts) निकलने लगते हैं। ज्यादातर लोग इसे खराब या बेकार मानकर डस्टबिन में फेंक देते हैं। वहीं, कुछ लोगों को लगता है कि अंकुरित आलू की तरह अंकुरित लहसुन भी जहरीला होता है।

लेकिन क्या वाकई ऐसा है?

विज्ञान और आयुर्वेद दोनों का मानना है कि अंकुरित लहसुन (Sprouted Garlic) सामान्य लहसुन से कहीं ज्यादा ताकतवर और सेहतमंद होता है। आज इस लेख में हम जानेंगे कि अंकुरित लहसुन खाने के क्या फायदे हैं और इसे फेंकने की गलती आपको क्यों नहीं करनी चाहिए।

अंकुरित लहसुन क्यों है ज्यादा फायदेमंद? (The Science Behind It)

जब लहसुन अंकुरित होता है, तो वह एक नए पौधे को जन्म देने की प्रक्रिया में होता है। इस दौरान लहसुन के भीतर नए एंजाइम्स और फाइटोकेमिकल्स (Phytochemicals) पैदा होते हैं।

सरल शब्दों में कहें तो, अंकुरण के बाद लहसुन में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स की मात्रा दोगुनी से भी ज्यादा हो जाती है। यह शरीर को बीमारियों से बचाने में सामान्य लहसुन के मुकाबले कहीं तेजी से काम करता है।

अंकुरित लहसुन खाने के 5 बड़े फायदे (Benefits of Sprouted Garlic)

1. दिल की बीमारियों से डबल सुरक्षा

सामान्य लहसुन तो दिल के लिए अच्छा होता ही है, लेकिन अंकुरित लहसुन में ‘एलीसिन’ और एंटी-ऑक्सीडेंट्स का स्तर बहुत हाई होता है। यह धमनियों (Arteries) में थक्के (Clots) बनने से रोकता है, स्ट्रोक और हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम कर देता है।

2. कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोके

कोरिया की ‘जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल एंड फूड केमिस्ट्री’ में छपी एक स्टडी के मुताबिक, 5 दिन पुराने अंकुरित लहसुन में सबसे ज्यादा एंटी-कैंसर एक्टिविटी पाई गई। इसमें मौजूद तत्व शरीर में कैंसर पैदा करने वाले फ्री-रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करते हैं।

3. इम्यूनिटी को रॉकेट की तरह बढ़ाए

अगर आप बार-बार सर्दी, खांसी या इन्फेक्शन का शिकार होते हैं, तो अंकुरित लहसुन आपके लिए दवा का काम कर सकता है। अंकुरित होने के बाद इसमें एंटी-वायरल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण बढ़ जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।

4. बढ़ती उम्र के असर को थामे (Anti-Aging)

अंकुरित लहसुन में मौजूद हाई एंटी-ऑक्सीडेंट्स त्वचा की कोशिकाओं (Cells) को समय से पहले बूढ़ा होने से बचाते हैं। इसके नियमित सेवन से चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं और त्वचा लंबे समय तक जवां और चमकदार बनी रहती है।

5. क्रोनिक बीमारियों (पुरानी बीमारियों) में मददगार

गठिया (Arthritis), अस्थमा या जोड़ों के दर्द जैसी पुरानी बीमारियों में शरीर के अंदरूनी हिस्सों में सूजन (Inflammation) आ जाती है। अंकुरित लहसुन के हरे अंकुरों में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो इन दर्दों में राहत देते हैं।

अंकुरित लहसुन का सेवन कैसे करें?

अंकुरित लहसुन को खाने का तरीका बेहद आसान है:

कच्चा खाएं: आप इसके हरे अंकुर समेत इसे बारीक काटकर सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ खा सकते हैं।

सलाद या सूप में: अगर कच्चा खाना तीखा लगे, तो इसे सलाद के ऊपर गार्निश करके या सूप में डालकर खाएं।

ज्यादा न पकाएं: इसे तेल में बहुत ज्यादा देर तक न भूनें, नहीं तो इसके पोषक तत्व (Nutrients) नष्ट हो जाएंगे।

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